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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड-
यूटà¥à¤°à¤¸ से बाहर होने वाली पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठखतरनाक हो सकती है। 11-13 हफà¥à¤¤à¥‡ (NT-NB सà¥à¤•ैन) सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€: ये जरूरी है कि इसे कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤®à¤² और जेनेटिक असमानताओं वाले मारà¥à¤•रà¥à¤¸ का पता लगाने के लिठकिया जाà¤à¥¤ ये गंà¤à¥€à¤° फीटल कमियों के बारे में जलà¥à¤¦à¥€ पता लगाने के लिठकी जाती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी वो समय है जब खà¥à¤¶à¥€ और घबराहट दोनों ही होती है और जà¥à¤µà¤¾à¤°-à¤à¤¾à¤Ÿà¥‡ की तरह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ आती हैं। à¤à¤• तरफ तो आप इतनी à¤à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ होती हैं कि आपकी खà¥à¤¶à¥€ का कोई ठिकाना नहीं रहता है अगले ही पल आप बहà¥à¤¤ ही गहरी सोच में डूब जाती हैं कि आखिर आगे कà¥à¤¯à¤¾ होगा। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाती हैं और डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको तरह-तरह के टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के बारे में बताता है और आप ये सोचती हैं कि आप हेलà¥à¤¦à¥€ हैं तो फिर इतने टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ और सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग की जरूरत कà¥à¤¯à¤¾ है।
पर मेडिकल रिसरà¥à¤š और टà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤² की खूबियों से अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के डेवलपमेंट और उनकी सेहत को टà¥à¤°à¥ˆà¤• किया जा सकता है। ये मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की सेहत के लिठकाफी जरूरी है। साथ ही साथ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड चेकà¥à¤¸ हमेशा बताते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ का विकास कैसे हो रहा है और उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¤¾ है और ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में होते हैं। आपको सारी जानकारी 'पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड' नामक सेकà¥à¤¶à¤¨ में नीचे मिलेगी।
लैब टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ अधिकतर बà¥à¤²à¤¡ सैमà¥à¤ªà¤² और यूरिन सैमà¥à¤ªà¤² कलेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद होते हैं।
पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ (पहले हफà¥à¤¤à¥‡ से 12वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में होने वाली मां का शरीर बहà¥à¤¤ तेज़ी से बदलता है और आने वाले समय में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की जरूरत को पूरा करने की तैयारी करता है। बहà¥à¤¤ सारे शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बदलाव उसके शरीर में होते हैं। नीचे उन टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ की लिसà¥à¤Ÿ दी गई है जो पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में जरूरी होते हैं।
नियमित बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ-
कैसे कलेकà¥à¤Ÿ किया जाता है सैंपल?
ये टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ महिला की बाजू में मौजूद नस से खून के सैंपल इकटà¥à¤ ा कर किठजाते हैं।
कौन से टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ होते हैं?
1. सीबीसी काउंट (कमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट)-
ये टेसà¥à¤Ÿ इस जानकारी के लिठकिया जाता है कि आपके खून में मौजूद अलग-अलग सेलà¥à¤¸ किन हालात में हैं। इसमें रेड बà¥à¤²à¤¡ सेल काउंट (RBC काउट), वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ सेल काउंट (WBC काउंट) और पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट मौजूद होते हैं।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है ये टेसà¥à¤Ÿ- ये आपके शरीर की हेलà¥à¤¥ और किसी à¤à¥€ तरह के à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जानकारी लेने के लिठजरूरी होता है। हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨, आयरन लेवल आदि की जानकारी बहà¥à¤¤ जरूरी है ये जानने के लिठकि कहीं मां को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ तो नहीं। अगर मां को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होता है तो तà¥à¤°à¤‚त ही सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ देने शà¥à¤°à¥‚ किठजाते हैं। WBC वैलà¥à¤¯à¥‚ ये बताती है कि शरीर में कोई इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ तो नहीं। ये आमतौर पर अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ à¤à¥€ होता है। अगर ये बढ़ा हà¥à¤† पाया जाता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि किस तरह के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की आगे जरूरत है।
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